Dec 9, 2008

एक सेंट बोरिसीय का जन्म-दिन !

(एक मिनी पोस्ट)

'हेल्लो !'
'हेल्लो ! हैप्पी बर्थडे.'
'थैंक्स.'
'ये बताओ पार्टी कहाँ है?'
'कैसी पार्टी बे? तुम तो कभी देते नहीं हो? अपना जन्म-दिन तक तो बताया नहीं !'
'अब बताऊँ तो भरोसा तो करोगे नहीं !'
'मतलब? इसमें भरोसे की कौन सी बात है? '
'अरे भाई मैंने अपनी माँ से अपना जन्म-दिन पूछा तो उसने बताया "उस दिन बारिश बहुत हुई थी और उसी दिन रामखेलावन की भैंस को पाड़ा हुआ था। और बुधन की गैया उसी दिन कुँआ में गिर गई थी बड़ी मुश्किल से उस बरसात में निकल पायी थी।" अब तुम्ही बताओ जब मेरी माँ इतना बता पायी तो रामखेलावन और बुधन क्या पाड़े के जन्म और गाय के गिरने के दिन को याद रखेंगे, हाँ टाइम के बारे में माँ ने बताया की उसी समय तीन बजियवा पसिंजर गई थी, अब भारतीय रेल का समय तो जानते ही हो ! '
'चलो भइया मान गए... पार्टी जब मर्जी हो आ जाओ लेकिन एक दिन तो साल का अपना भी फिक्स कर ही लो... कम से कम वही जो सर्टिफिकेट में लिखा है।'
'किसी भी दिन? धेत, अरे रुको एक बार फिर रामखेलावन से पता करता हूँ, शायद याद आ जाय !'

और इस तरह उन्होंने एक और एकतरफा पार्टी ले ली !

इस सेंट बोरिसीय के स्कूल के बारे में तो आप जान ही चुके हैं, बड़े निराले अंदाज का इंसान है !

~Abhishek Ojha~

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आजकल मार्केट की उथल-पुथल, नौकरी और पढ़ाई के बीच इस मिनी-माइक्रो-नैनो से बड़ी पोस्ट सम्भव नहीं लगती.

23 टिप्पणियाँ:

Neeraj Rohilla उवाच

जन्मदिन की हार्दिक बधाई, खैर पार्टी तो देते ही रहना चाहिए | कुछ नहीं तो यही सोचकर की ऊपर स्वर्ग में बदले की पार्टियां मिलेंगी |

महेन उवाच

फ़िर भी जन्मदिन की बधाई, जब भी वो आए।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन उवाच

जनाब, पार्टी न देनी तो न दो मगर बहाने के बहाने भारतीय रेल की समय सारणी का मज़ाक तो न उडाएं ;)
मज़ा आ गया पढ़कर - आगे भी ठेठ देसी किस्सों का इंतज़ार रहेगा.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi उवाच

कवि गुलकंद जी के यहाँ जन्मदिन की पार्टी हुई। दूसरे दिन एक मित्र मिले, पूछा-कल तीन बार तुम्हारे घर चक्कर काटे, कहाँ थे?
जवाब - गुलकंद जी के जन्मदिन की पार्टी में।
अरे! अभी पिछले महिने तो मैं भी उन के जन्मदिन की पार्टी में था।

जन्मदिन? जब जी चाहे मना लो।

कुश उवाच

जन्मदिवस की कोटि कोटि शुभकामनाए... मेसेज कर नही पाया.. फ़ोन में कुछ गड़बड़ है..

Gyan Dutt Pandey उवाच

हा! हा! मेरी आजी उम्र पूछने पर कहती थीं - असाढै असाढ़ गिन लो! अब कौन से असाढ़ से यह पता नहीं!

ताऊ रामपुरिया उवाच

जन्मदिन की बहुत शुभकामनाए और बधाई !

आपने जो लिखा ये हमारे ग्रामीण जीवन की सहज बातें हैं !
भले लोगो को मजाक लगती हों पर हैं सही !
बिल्कुल आनंद आ गया छुट्टी के दिन !
आफिस की परेशानियों का जिक्र आपने किया ,
सो वाकई समय तो मुझे और भी कष्टकर दिखाई दे रहा है !
पर चलिए आपके हमारे पास ब्लागिंग में समय काटने का साधन तो है ही ! :)
वैसे भी आशावान रहे तो क्या बुराई है ?

रामराम !

Parul उवाच

जन्मदिन की बहुत शुभकामनाए और बधाई !

Anonymous उवाच

happy birthday sir

डॉ .अनुराग उवाच

लोग पार्टी से बचने के बहाने गढ़ लेते है ओर ऐसे अंदाज में गढ़ते है की सामने वाला भी कहता है .रहने दो.....अरे रहने दो....आपका जन्मदिन है तो ढेरो बधाई .नही है तो कोई तारीख फिक्स करके सूचना दे

लवली कुमारी / Lovely kumari उवाच

जन्मदिन की हार्दिक बधाई,मुझे सिर्फ़ इतना पता है आप खाना अच्छा बनाते हैं ..बाकि कोई बहाना नही चलेगा

pintu उवाच

जन्म दिन की ढेरो शुभकामनाये! हप्पी बर्थ डे.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी उवाच

अभिषेक जी, ये इतनी बधाइयाँ समेटे जा रहे हैं, लेकिन मैं ये तय नहीं कर पाया कि मुख्यतः जन्मदिन की खबर उस सेण्ट बोरिस स्कूल वाले मित्र के बहाने देना था यह उनका यह परिचय देने के लिए गढ़ा गया किस्सा भर था।

फिलहाल बधाई मेरी ओर से भी... आप ऐसे ही हमारी मिट्टी की खुशबू बाँटते रहें।

अनूप शुक्ल उवाच

हमारा तो यही कहना है जन्मदिन की बधाई स्वीकार कर लो। इसके बाद मस्त हो जाओ। चाय हम अपने आप पी ले रहे हैं। शुभकामनायें।

राज भाटिय़ा उवाच

चलिये आप को जन्मदिन की बधाई, ओर पार्टी भी अदल बदल लेते है, यानि आज हमारी बीबी का जन्मदिन भी है, उस का केक मे तुमहारी तरफ़ से समझ कर खा लेता हू, ओर तुम अपना केक हमारी तरफ़ से समझ कर खा लेना.
वेसे हम दोनो अपना जन्मदिन नही मनाते, क्योकि मेरा जन्म दिन तो एक नही बिलकुल तुम्हारी कहानी के हिसाब से है, अब कोन सा मनाऊ???
फ़िर से जन्म दिन की बधाई

singhsdm उवाच

अभिषेक भाई
उथल-पुथल, नौकरी और पढ़ाई के बीच आपने मिनी-माइक्रो- नैनो पोस्ट लिख डाली यह भी कम नही बहरहाल यह बताईये की जन्मदिन की पार्टी कब दे रहे हैं .

Kumar sambhav उवाच

जन्म दिन पर लिखी आपकी पोस्ट किसी साहित्य से कम नहीं है. ओझा भाई को बधाई. डॉ. अनुराग जी के ब्लॉग से आप तक पहुंचा सच मानिये आप लोंगों से जलन होती है. सोचा टेप दूं आप का पोस्ट अपने आने वाले जन्मदिन पर फिर लगा गुरु कभी कहीं भाई जी लोग पकडे न तो दौड़ा दौड़ा के मरेंगे, कहेंगे की बलिया का होके चोरी करता है. वेसे भी किसी महँ साहित्य चोर ने कहा है उसकी चोरी करो जो दुनिया में नहीं है अब कबीर थोड़े मारने आएँगे. १००० से ऊपर दोहे लिखे उन्होंने दो चार उडा लिए तो क्या फर्क पड़ता है. एक बार फिर अच्छे पोस्ट के लिए धन्यबाद .

BrijmohanShrivastava उवाच

बहुत बहुत धन्यवाद

कंचन सिंह चौहान उवाच

party dijiye..chahe kisi bhi din... Happy Birthday :)

Zakir Ali 'Rajneesh' उवाच

जन्‍म दिन की बधाई तो बाद में, पहले यह शोक कि उस पार्टी में हम क्‍यों न हुए।

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर उवाच

जन्मदिन की बधाई!!!

फ़िर से!!!!!!

कार्तिकेय उवाच

अरे बाप रे, बहुत लेट पंहुचा. जो भी हो अगर वाकई में जन्मदिन है तो ढेरों बधाइयाँ, अगर नहीं है तो रिटर्न कर दीजियेगा. वैसे यह रहस्य अभी खुलना बाकी है, की दस्तावेजों में डीओबी क्या,किसने और कितनी सोच कर लिखवाई थी?

डा. अमर कुमार उवाच


तुम्हारी टिप्पणी देख, यह पोस्ट दुबारा पढ़ रहा हूँ । एकदम्मैं बिसर गया था ।
वाह, क्या समानता है, एक खूबसूरत इत्तेफ़ाक़ !